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Super Exam General Studies Sculpture in India / भारत में मूर्तिकला Question Bank प्राचीन भारत में मूर्तिकला (मूर्तिकला भाग 1)

  • question_answer
    निम्न में से कौन सा / कौन से खड़ी हुई मूर्तियों का एक प्रकार हैं
    1. अभंग
    2. भद्रासन
    3. त्रिभंग
    4. अतिभंग
    5. शालभंजिका

    A) 1 और 4

    B) 2 और 3

    C) 1, 2 और 3

    D) 1, 2, 3, 4 और 5

    Correct Answer: D

    Solution :

    उत्तर - 1, 2, 3 और 4
    व्याख्या - अभंग, भद्रासन, त्रिभंग, अतिभंग खड़ी हुई मूर्तियां के प्रकार हैं।
    विशेष - खड़ी हुई मूर्तियां के निम्न प्रकार हैं :
    भद्रासन इसमें मूर्ति को पैर खोलकर सीधे खड़ा करके बनाया जाता है।
    समभंग-इसमें मूर्ति को बिल्कुल सीधा खड़ा करके इस प्रकार बनाया जाता है कि मूर्ति के शरीर में कोई भी भंग नहीं हो। मूर्ति के हाथ-पैर सीधे होते हैं व शरीर के दोनों  हिस्सों का पूर्णतया समान अनुपात होता है।
    अभंग- इसमें मूर्ति के शरीर की स्थिति समभंग ही होती है, लेकिन मूर्ति त का एक घुटना आगे की ओर मुड़ा हुआ होता है।
    त्रिभंग- इस प्रकार की मुद्रा में शरीर के तीन अंगों को तीन दिशाओं में बनाया जाता है। पहला अंग सिर एक दिशा में, वक्ष से कटि तक का भाग दूसरी दिशा में तथा कमर से नीचे का भाग अन्य दिशा में बनाया जाता है।
    अतिभंग-इसमें मूर्ति के कई प्रकार के अंग बनाए जाते हैं। शिव का तांडव नृत्य करते हुए बनी मूर्तियां इसी श्रेणी में आती हैं।
    शालभंजिका - शालभंजिका मुद्रा में खड़ी स्त्री एक हाथ में साल वृक्ष की शाखा पकड़े दिखाई देती है।


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